वह क्या है जो आपको सफल बनाता है?

सफलता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है हमारे मन में उस वस्तु को पाने की इच्छा, और उस इच्छा को पूर्ण करने के लिए कार्य करने की तैयारी| लोग सपने बहुत देखते हैं, हर दिन एक नया सपना देखते हैं, हर दिन एक नई चीज को पाने की चाह रखते हैं,लेकिन मेहनत करना कोई नहीं चाहता | जो मेहनत करना चाहते हैं रास्ते उन्हीं के लिए खुले होते हैं, सफलता उनके पीछे भागते हुए आती है क्योंकि उनका नजरिया अपने कार्य के प्रति बहुत अलग होता है |
सफल होने वाले लोग अपने कार्यों को एक उचित क्रम में लगाकर रखते हैं, वे अच्छे से जानते हैं कि उन्हें आज क्या करना है और कल क्या करना है, मैं यह कहना चाहता हूं कि वह अपने काम को क्रम से करते हैं, हर चीज एक उत्कृष्ट प्लानिंग से करते हैं , चलिए मैं आपको एक कहानी बताता हूं
यह कहानी है दो दोस्तों की, जो एक साथ पढ़ते थे, एक का नाम था राज और दूसरा जॉन, राज और जॉन दोनों अपने जीवन में सफल होना चाहते थे, ऊंचाइयों पर पहुंचना चाहते थे, राज हर दिन सपने देखता, लेकिन अगले दिन, उन सपनों को भूल जाता और अगले दिन, एक नई दिन के साथ और एक नया सपना देखता, जबकि जॉन इसके बिल्कुल विपरीत स्वभाव वाला था | जॉन बड़े सपने देखता और उन सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा सोचता और उन पर काम करता | समय बीतता गया, स्कूल के दिन पूरे हुए, और उन्होंने अलग-अलग कॉलेजों में एडमिशन लिया, इससे वे अब एक-दूसरे से दूर हो चुके थे | राज धीरे-धीरे आलसी होता, अब वो सपने भी नहीं देखता क्योंकि उसे लगता कि वह जीवन में कुछ नहीं कर सकता है | वह न तो मेहनत करता, ना ही सपने देखता, धीरे धीरे कॉलेज का समय भी पूरा हुआ, राज के व्यवहार के कारण राज ने कोई बहुत अच्छा रिजल्ट नहीं बनाया था, जिसके कारण उसे एक छोटे से ऑफिस में बहुत कम सैलरी पर काम करने लगा | समय बीता जा रहा था, राज कई बार जॉन के बारे में सोचता, मेरा दोस्त कैसा होगा? वह कहां होगा? क्या वो मुझे भूल गया? और बहुत सारी बातें उसके मन में हर दिन आती……
जॉन और राज जिस स्कूल में साथ में पढ़ते थे, उस स्कूल में अपने सभी पूर्व विद्यार्थियों को, एक कार्यक्रम में निमंत्रित किया | लेकिन इस पर दो तरह के निमंत्रण थे, जो विद्यार्थी अपने जीवन में सफलता की ऊंचाई पर पहुंच चुके थे, स्कूल प्रबंधन उन्हें सम्मानित करना चाहता था जॉन से मिलेगा और इसीलिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया | सभी विद्यार्थियों की तरह राज भी वहां पहुंचा, वह जानता था कि वह आज जॉन से मिलेगा | राज स्कूल के गेट में जा ही रहा था कि उसे देखा, बहुत बड़ी महंगी गाड़ी आई उसके पास आकर रुकी और उसने देखा उस गाड़ी में और कोई नहीं, जॉन था| जॉन में गाड़ी से उतरते ही राज को गले लगा लिया, और कहा कैसा है दोस्त? जब तक दोनों दोस्त अपनी बात शुरू करते तब तक विद्यालय प्रबंधन के कुछ लोग जॉन को लेने गेट पर पहुंचे, जॉन ने राज् से कहा थोड़ी देर बाद मिलते हैं| डॉन एक बहुत बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी का सीईओ था, स्कूल प्रबंधन उसकी सफलता पर बहुत खुश था और उस कार्यक्रम में जॉन का सत्कार आयोजित किया गया था, कई कार्यक्रम के अनुसार जॉन का सत्कार हुआ और राज यह सब देख कर दुखी था, उसके मन में यह सवाल थे कि यह कैसे संभव हुआ, हम तो एक साथ ही पढ़ते थे एक जैसे ही थे फिर जॉन इतना आगे कैसे बढ़ गया?
कार्यक्रम खत्म होने के बाद दोनों दोस्त मिले, राज के मन में बहुत सारे सवाल थे और जॉन के चेहरे की खुशी बहुत ही प्रभावित कर देने वाली थी| राज ने जॉन से पूछा, कि यार यह सब कैसे संभव हुआ? तू कैसे इतना बड़ा इंसान बना, जॉन ने कहा, हम दोनों एक साथ ही सपने देखते थे, लेकिन तुम हर दिन एक नया सपना देखते हैं और पिछले दिन के सपने को भूल जाते हैं, जबकि मैंने एक ही सपना देखा था कि मुझे अपनी पूरी ताकत, अपनी पढ़ाई पर लगानी है और एक अच्छे कॉलेज में मुझे दाखिला लेना है| दिन-रात की मेहनत की बाद एक अच्छे कॉलेज में मुझे एडमिशन मिला, और उसके बाद मैंने अपनी पूरी ताकत पढ़ाई में लगा दी | जब सभी दोस्त, घूमते फिरते रहते, खेलते रहते, मोबाइल में अपना वक्त गुजारा करते, मैं उस समय सिर्फ अपनी पढ़ाई में अपना ध्यान देता |
मेरी सफलता के मुख्य कारण है
1. मेरे बड़े सपने देखे
2. उन सपनों को पूरा करने के लिए मैंने अलग-अलग योजनाएं बनाई
3. उन योजनाओं को छोटे-छोटे भागों में विभाजित किया
4. हर दिन को एक काम दिया और उसे हर परिस्थिति में पूरा किया
5. समय का सदुपयोग किया, दोस्त मोबाइल खेलते, मैं अपना समय अपने काम में लगाता.
6. हमेशा सक्रिय रहता था और अपने काम को कौन-कौन से अलग तरीके से मैं कर सकता हूं, यह सोचता|
7. मैंने नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया |
8. मैंने अपनी परिस्थिति का रोना किसी के साथ नहीं रोया,
9. बस जो सामने आता गया उसे पूरा करता गया,
मेरी यह ऊपर की नो आदतें ही मेरी ताकत है, इसके कारण मैं यहां तक पहुंचा हूं और मैं जानता हूं कि अगर तुम भी अपने जीवन में जरूर सफल होगे | एक बड़ा सपना देखो, और उसे पूरा करने में दिलो जान से लग जाओ |
मैं आज भी स्कूल के बच्चों को देखता हूं जो पढ़ाई में बहुत अच्छे नहीं हैं लेकिन वे खुद को कमजोर समझते हैं और इसीलिए वह जीवन में सफल नहीं हो पाते, भगवान ने हम सब को एक जैसा बनाया है, हम खुद को कम समझकर उस ईश्वर का अपमान करते हैं |
अगर जिंदगी में आगे बढ़ना है तो बड़े सपने देखो, मेहनत करो, हर दिन मेहनत करो और इतनी मेहनत करो कि ऊपर वाला भी तुम्हारी मेहनत के आगे हार जाए | मुझे लगता है राज तुम समझ चुके होंगे मैं क्या कहना चाहता हूं? तुमने अपना बहुत समय गवा दिया लेकिन कोई बात नहीं आने वाला समय तुम्हारा है, तुम अपने जीवन में जरुर सफल होंगे अगर इन 9 मंत्रों को ध्यान रखो |

दोस्तों आपको यह कहानी कैसी लगी अपनी राय जरूर दीजिए, धन्यवाद |

Read more...

Class 10th SSC Time Table of March 2020 Exam

There is a good news for you, now you can start your study because your class 10th examination timetable of March 2020 has been finalized by the Maharashtra education board. Just go through the following link, download it and check when and on what date do you have your exam. One more thing I want to share here, this is the temporary timetable, there will be some changes, in the month of December you will get, the updated version of the time table. But still if you want to start your study, you can plan according to the time table. Download it and check it

Class 10th Exam Time Table Mar-2020

Read more...

आज की बात – 1. लक्ष्य ही सर्वोपरि है

लक्ष्य ही सर्वोपरि है
दोस्तों आज की बात का शीर्षक है ” लक्ष्य ही सर्वोपरि है ” | लोगों का जीवन लक्ष्य के बिना उस नाव की तरह है, जो समुद्र के पानी में खो गई है| क्या आप अपने जीवन को इस तरह की नाव बनाना चाहते? मैं जानता हूं आपका उत्तर क्या है |
जीवन में सफलता उस व्यक्ति को प्राप्त होती है, जो हमेशा अपने लक्ष्य को अपने सामने रखता है, वह लक्ष्य आप को चैन से सोने नहीं देता, वह लक्ष्य आप में हर वक्त ऊर्जा का संचार करता है, वह लक्ष्य आपको ऊंचाइयों तक ले जाता है, लेकिन लक्ष्य न हो तो जीवन व्यर्थ है | जी हां दोस्तों, आप में से बहुत से लोग अपने जीवन की अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी कर रहे होंगे, पर क्या आपने आपकी परीक्षा का कुछ लक्ष्य निर्धारित किया है? अगर नहीं किया है, तो आज ही कर ले, और आपके रूम में बड़े अक्षरों में उसे आपके सामने लगा दे | वह वाक्य, वह सपना आपका लक्ष्य आपको बहुत आगे लेकर जाएगा | तो मित्रों, एक बड़ा सपना देखो, और खुद को उस सपने को पूरा करने में लगा दो | जब तक आपका लक्ष्य आपके सामने नहीं होगा, तब तक आप जीवन में कुछ नहीं कर पाएंगे |


आप सभी को महाभारत की कहानी पता है, द्रोणाचार्य की कक्षा में सभी विद्यार्थियों से जब द्रोणाचार्य ने पूछा, तुम्हें क्या दिखाई दे रहा है? सब लोगों के अलग-अलग जवाब थे, परंतु अर्जुन का जवाब था ” गुरुदेव, मुझे चिड़िया की आंख दिखाई दे रही है”. अर्जुन की तरह ही आप भी अपने लक्ष्य को आपके सामने रखिए और पूरी मेहनत से लग जाएगी उसे पाने के लिए|

हर दिन में आपके लिए इस तरह के एक छोटी सी पोस्ट लेकर आऊंगा, जो आप में आत्मविश्वास भर देगी, आशा करता हूं आपको आज की पोस्ट पसंद आई होगी, अपनी राय अवश्य दीजिए, धन्यवाद!!

Read more...